खेतीखान/चंपावत। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली के विकास और इसके लिए स्वीकृत धनराशि को मूल उद्देश्य पर ही खर्च किए जाने की मांग को लेकर चल रहा सांकेतिक धरना-प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर शासन-प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र विकास कार्य शुरू करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और विकास भावी पीढ़ियों को देशभक्ति एवं बलिदान की प्रेरणा देने के लिए आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन्मस्थली के विकास के लिए स्वीकृत धनराशि का उपयोग अब तक निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं हो पाया है, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश है।
जिला पंचायत सदस्य जनकांडे अशोक माहरा ने कहा कि सेनानियों की जन्मस्थली का विकास क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग है। उन्होंने शासन से मांग की कि स्वीकृत धनराशि को पुनः इसी परियोजना के लिए सुनिश्चित करते हुए विकास कार्य तत्काल शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठा रही है और उम्मीद है कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करेगी।
धरना-प्रदर्शन में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हरगोविंद बोहरा, ग्राम प्रधान सिरमोली सूरज माहरा, उप ग्राम प्रधान गोस्नी महेश जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि पवन देऊपा, राजू ओली, केशव दत्त ओली, उप ग्राम प्रधान तपनीपाल अनुज बोहरा, राजेश चंद ओली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
फोटो_स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली के विकास की मांग को लेकर दूसरे दिन भी धरने पर बैठे जनप्रतिनिधि और ग्रामीण।
चंपावत: सेनानियों के सम्मान में दूसरे दिन भी धरना जारी।
