चंपावत: हिमवीरों को बनाया जा रहा और भी दमदार, आइटीबीपी बटालियन में योग से नशामुक्ति का संकल्प।

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लोहाघाट में आयुर्वेद विभाग की पहल—योग, प्रकृति और अनुशासन से जवानों को स्वस्थ व शक्तिशाली बनाने का अभियान।


लोहाघाट। आईटीबीपी की 36वीं बटालियन में हिमवीरों को शारीरिक व मानसिक रूप से और अधिक मजबूत बनाने के लिए विशेष योग एवं नशामुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जवानों को न केवल नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई, बल्कि योगिक क्रियाओं और प्राकृतिक जीवनशैली के माध्यम से स्वस्थ रहने के महत्वपूर्ण सूत्र भी बताए गए। कार्यक्रम में आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार सहित सभी अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। इस अवसर पर कमांडेंट द्वारा आयुर्वेद विभाग की टीम नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर गंगवार, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. प्रकाश सिंह बसेड़ा एवं अन्य योग विशेषज्ञों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
नोडल अधिकारी डॉ. गंगवार और डॉ. प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य जन्म से नशे का आदी नहीं होता, बल्कि तनाव, गलत आदतों और तात्कालिक सुख की चाह उसे इस ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति प्रकृति के नियमों के अनुरूप जीवन जीए और नियमित योग करे, तो नशे से उसका जीवनभर दूर रहना संभव है। योग प्रशिक्षकों सोनिया आर्या, लीला जोशी, विजय देउपा और सुशील कॉलोनी ने विभिन्न योगिक क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए जवानों को बताया कि बिना दवाइयों के भी स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जिया जा सकता है। कमांडेंट संजय कुमार ने आयुर्वेदिक टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जवानों को दिए गए इन नैसर्गिक स्वास्थ्य उपायों को दैनिक जीवन में अपनाया जाएगा, जिससे वे और अधिक सशक्त बन सकें।

फोटो – आईटीबीपी 36वीं बटालियन में जवानों व अधिकारियों को योगिक क्रियाएं सिखाते आयुर्वेद विभाग की टीम।


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