

22 साल बाद आरोपों पर धामी का सवाल, बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा!
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने 22 साल बाद आरोप लगाए जाने के समय पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि मामले की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषी किसी भी स्थिति में बच नहीं पाएगा।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री खजान दास भी 22 साल बाद आरोप लगाए जाने पर सवाल उठा चुके हैं। अब मुख्यमंत्री धामी ने भी इसी मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए पूछा कि 22 साल तक दोनों पक्ष कहां थे और इतने लंबे समय तक आरोप क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही सामने आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को राजनीतिक फायदे के लिए गुनहगार नहीं ठहराया जा सकता। गुनहगार वही होगा, जिसे कानून के तहत दोषी साबित किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेखा आर्य के राजनीतिक भविष्य पर भी चर्चा तेज_
मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस विवाद के राजनीतिक असर को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामले की जांच और उसके निष्कर्ष मंत्री रेखा आर्य की राजनीतिक छवि के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सीट से उनकी दावेदारी को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो सकती हैं। हालांकि, उनके टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण में जांच का निष्कर्ष अहम होगा। आरोपों की सत्यता सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फोटो/क्लिप_ रेखा आर्य प्रकरण पर मीडिया से बातचीत करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।



