पिथौरागढ़। जनमुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लक्ष्मीदत्त जोशी का सोशल मीडिया पेज बंद होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पेज बंद होने के बाद जोशी ने वीडियो संदेश जारी कर उत्तराखंड पुलिस और पिथौरागढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
लक्ष्मीदत्त जोशी का आरोप है कि उन्होंने जनहित से जुड़े कई मामलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी थीं, लेकिन शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि पहले उनकी ओर से 29 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 31 हो चुकी है, बावजूद इसके अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है। सोशल मीडिया पेज बंद होने से आर्थिक नुकसान का दावा करते हुए जोशी ने कहा कि सोशल मीडिया से उन्हें आय प्राप्त होने की उम्मीद थी, लेकिन इसी दौरान उनके पेज पर स्ट्राइक लगा दी गई।
वीडियो संदेश में जोशी ने कहा कि उनके पास कई मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वह समय आने पर सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों की जांच आगे नहीं बढ़ाई जा रही है और कई मामलों में उनके बयान तक दर्ज नहीं किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया उनके लिए जनता की आवाज उठाने का प्रमुख माध्यम रहा है। पेज बंद होने से न केवल उनकी आवाज प्रभावित हुई है, बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। जोशी ने अपने समर्थकों से इस मामले में साथ देने की अपील करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म दोबारा शुरू कराने और शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, सोशल मीडिया पेज बंद होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह भी साफ नहीं है कि इसमें पुलिस की कोई भूमिका है या नहीं। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फोटो_ लक्ष्मी दत्त जोशी।
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