चंपावत: मां बाराही धाम के लिए समर्पित हुआ एक जीवन: हीरा बल्लभ जोशी बराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के पहले अध्यक्ष।

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प्रशासनिक सेवा के उच्च पदों से सेवानिवृत्त “मां बाराही” की सेवा में जुटे हीरा बल्लभ जोशी, बराही धाम को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प।


लोहाघाट। देवीधुरा स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र मां बाराही धाम को पहली बार ट्रस्ट का स्वरूप देकर उसके संरक्षण और विकास की दिशा में नई पहल करने वाले श्रीबाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी इन दिनों लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बने हुए हैं। प्रशासनिक सेवा के लंबे और सफल करियर के बाद उन्होंने अपना शेष जीवन मां बाराही की सेवा और धाम के विकास के लिए समर्पित कर दिया है। देवीधुरा के निकट वारी गांव के एक पुरोहित परिवार में जन्मे हीरा बल्लभ जोशी का जीवन बचपन से ही सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ा रहा। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई मां बाराही की पावन भूमि में ही पूरी की। इसके बाद नैनीताल से स्नातक और जेएनयू दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त कर वर्ष 1992 में भारतीय सिविल सेवा में चयनित हुए।
भारत सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने अपनी ईमानदारी, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता से अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया। रेलवे कॉरिडोर के प्रबंध निदेशक पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सांसारिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर अपना पूरा समय बाराही धाम के विकास और सनातन परंपरा के संरक्षण को समर्पित कर दिया। श्री जोशी केवल एक प्रशासक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक चिंतक और लेखक भी हैं। सनातन हिंदू शास्त्र, भारतीय दर्शन और अध्यात्म पर उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं। उनकी “गरुड़ पुराण” पर आधारित पुस्तक वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता प्राप्त कर चुकी है। वहीं उनकी एक अन्य कृति में महाभारत की शक्ति और देवीधुरा की शताब्दियों पुरानी बग्वाल व यहां की परंपरा का भी विस्तृत वर्णन किया गया है।
सरल जीवन, उच्च विचार और दूसरों की खुशियों में अपनी खुशी तलाशने वाले हीरा बल्लभ जोशी के इस संकल्प को आगे बढ़ाने में बाबा कल्याण दास जी महाराज से उन्हें आध्यात्मिक प्रेरणा मिलती है। वहीं बाराही मंदिर ट्रस्ट के सूत्रधार लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, शिक्षाविद दिनेश जोशी और उत्तराखंड के प्रमुख उद्यमी नरेंद्र सिंह लड़वाल जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर वे बाराही धाम के कायाकल्प और इसे वैश्विक आस्था केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। आज क्षेत्र के लोग इसे मां बाराही की कृपा और हीरा बल्लभ जोशी तथा उनके साथियों की अद्भुत लगन का  परिणाम मानते हैं कि बाराही धाम के विकास के लिए एक सशक्त ट्रस्ट का गठन हुआ है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महान आध्यात्मिक विरासत छोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।

फोटो – हीरा बल्लभ जोशी।


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