चंपावत/बनबसा। सीमांत जनपद चंपावत के बनबसा वार्ड संख्या-4 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के साथ इंटर-पर्सनल कम्युनिकेशन (IPC) बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव (अस्पताल में प्रसव) के महत्व को समझाना और घर पर प्रसव के दौरान होने वाले खतरों के प्रति सचेत करना था। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। महिलाओं को ‘इजाबोई शगुन’ योजना, जननी सुरक्षा योजना (JSY) और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) के तहत मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही परिवार नियोजन की विभिन्न योजनाओं और उनके फायदों पर भी चर्चा की गई ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ उठा सकें।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों को आगाह किया कि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए अस्पताल में प्रसव कराना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। प्रसव के समय किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं के साथ ‘बर्थ प्लान’ पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें प्रसव पूर्व की जरूरी तैयारियों, उचित खान-पान और समय पर नियमित जांच कराने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर DBCCF अमित बिष्ट, ANM विनिता सिंह, आशा फैसिलिटेटर कमला चॉड और आशा कार्यकत्रियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने वार्ड के विभिन्न परिवारों से सीधा संवाद कर अपील की कि वे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
फोटो_ गर्भवती महिला को ‘बर्थ प्लान’ और सरकारी योजनाओं की जानकारी देती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
चंपावत: स्वास्थ्य टीम ने घर-घर दस्तक देकर गर्भवती महिलाओं को सिखाए सुरक्षित प्रसव के गुर।
