सड़क दुर्घटना में मृत शिवराम के परिवार को पहली बार योजना का लाभ, जिलाधिकारी की संवेदनशील पहल से बंधी उम्मीद
चंपावत। दिगालीचौड़–रौसाल मार्ग में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह असहाय हो गया था। सरकार से मिलने वाली राहत राशि को लेकर असमंजस बना हुआ था, लेकिन अब प्रशासन की पहल से पीड़ित परिवार को राहत मिलनी शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक सादे कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने मृतक शिवराम की विधवा माया देवी को मुख्यमंत्री राहत योजना के तहत 2 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। यह उत्तराखंड सड़क परिवहन दुर्घटना सहायता योजना के तहत दिया गया पहला चेक बताया जा रहा है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने न केवल पीड़ित परिवार को सम्मानपूर्वक बैठाकर उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि तत्काल मृतक के बेटे का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी बनवाकर सौंप दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रमाण पत्र से भविष्य में परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में मदद मिलेगी।
पीड़ित परिवार, जो कभी जिलाधिकारी कार्यालय के भीतर आने में भी संकोच करता था, आज उसे वहां सम्मान और सहारा दोनों मिला। विधवा माया देवी अपने बेटे पंकज, बेटी बबीता और परिजनों के साथ जब कार्यालय पहुंचीं, तो उन्हें उम्मीद से कहीं अधिक संवेदनशील व्यवहार देखने को मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिलाधिकारी की कार्यशैली अलग है—दुर्घटना हो या कोई आपदा, प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। गंभीर मरीजों को पहली बार हेलीकॉप्टर से उपचार के लिए भेजने जैसी पहल भी की गई है। वहीं वन्यजीव हमलों और अन्य आपात स्थितियों में भी त्वरित राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्व प्रधान ईश्वर रामदेव ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी के बारे में जो सुना था, आज उसे साकार होते देखा। उनका मानना है कि यदि अन्य अधिकारी भी इसी सोच और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान और बेहतर तरीके से हो सकता है।
फोटो जिलाधिकारी कार्यालय में मृतक शिवराम की विधवा माया देवी को ₹2 लाख का चेक सौंपते जिला पंचायत अध्यक्ष, साथ में मौजूद जिलाधिकारी।
चंपावत: दिगालीचौड़ हादसे के पीड़ित परिवार को मिली राहत—डीएम कार्यालय में सौंपा गया 2 लाख का चेक।
