18 गांवों की सहभागिता, सांस्कृतिक संध्या में नन्ही कलाकार ने बांधा समां; पहली बार रावण बने नवीन जोशी छाए
लोहाघाट। बाराकोट के गल्लागांव में चार दशक बाद आयोजित श्रीराम लीला मंचन का भव्य समापन पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पल बन गया। 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जब रामलीला का मंच सजा, तो आसपास के 18 गांवों के लोग उत्साह और आस्था में सराबोर नजर आए। पूरे क्षेत्र में श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे और माहौल भक्तिमय बना रहा।
समापन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे, जहां मंचन के प्रत्येक दृश्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने रामायण के प्रसंगों को सजीव कर दिया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।
इस दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। जब एक छोटी सी बच्ची ने अपने मनमोहक प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंजता रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन शेखर तिवारी ने किया। आयोजन समिति में अध्यक्ष संजय जोशी, संरक्षक हयात सिंह तड़ागी और ग्राम प्रधान झिरकुनी नवीन जोशी की अहम भूमिका रही। विशेष आकर्षण रहे नवीन जोशी, जिन्होंने पहली बार मंच पर रावण की भूमिका निभाकर अपने दमदार अभिनय से सभी का दिल जीत लिया। ग्रामीणों ने इस आयोजन को क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने वाला बताया और भविष्य में भी इस परंपरा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
चंपावत: 40 साल बाद गल्लागांव बाराकोट में गूंजा श्रीराम का जयघोष, भव्य रामलीला मंचन का ऐतिहासिक समापन।
