चंपावत: मऊ-झालाकुड़ी में मातृ स्वास्थ्य जागरूकता की लहर, शिविरों में उमड़ी भीड़।

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चंपावत।  सुरक्षित मातृत्व को जन-जन तक पहुंचाने के मिशन में जुटा स्वास्थ्य विभाग अब गांव-गांव दस्तक दे रहा है। इसी कड़ी में बाराकोट ब्लॉक के मऊ और झालाकुड़ी क्षेत्रों में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविरों ने मातृ और किशोर स्वास्थ्य को लेकर नई जागरूकता की लहर पैदा कर दी। मऊ उपकेंद्र में आयोजित शिविर में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह के नेतृत्व में गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के महत्व को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि अस्पताल में प्रसव न केवल सुरक्षित होता है, बल्कि जटिल परिस्थितियों में मां और नवजात दोनों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

फार्मेसी अधिकारी रोशन विश्वकर्मा और सीएचओ पूजा ने महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं किशोरियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जीआईसी मऊ की शिक्षिकाओं को 14 वर्ष की छात्राओं में एचपीवी (HPV) वैक्सीन के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए।
दूसरी ओर, झालाकुड़ी में आयोजित शिविर में डॉ. तानिशा ने गर्भवती व धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। सीएचओ सुशीला गड़कोटी द्वारा शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच की गई, साथ ही महिलाओं को आयरन व कैल्शियम की दवाएं वितरित की गईं।
एएनएम दीपिका बोहरा और पुनीता कुशवाह ने घर पर प्रसव से बचने की सलाह देते हुए सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और महिलाओं को जागरूक किया।
शिविर में 6 गर्भवती और 2 धात्री महिलाओं सहित कुल 21 ग्रामीणों की जांच की गई। कार्यक्रम में सुंदर सिंह बोहरा, ग्राम प्रधान आरती चौहान, आशा कार्यकर्ता माया चौहान और दीपक सिंह बोहरा समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इन शिविरों को ग्रामीणों का भरपूर समर्थन मिला, जिससे साफ है कि स्वास्थ्य विभाग की यह पहल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में कारगर साबित हो रही है।

फोटो_ स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी।


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