चंपावत। जनपद में सनसनी फैलाने वाले नाबालिग दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस घटना को लेकर इलाके में आक्रोश और हड़कंप मचा था, अब उसी मामले को पुलिस ने सुनियोजित षड्यंत्र बताया है। पुलिस के मुताबिक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत मिलने के बाद तत्काल पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की कमान संभाली।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि नाबालिग अपनी मर्जी से दोस्त के साथ विवाह समारोह में गई थी और कथित घटना के दौरान नामजद आरोपी मौके पर मौजूद ही नहीं थे। मेडिकल परीक्षण में भी जबरदस्ती या संघर्ष के स्पष्ट संकेत नहीं मिले।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कमल रावत नामक व्यक्ति द्वारा पुरानी रंजिश और बदले की भावना से पूरा घटनाक्रम रचा गया। पीड़िता, उसकी महिला मित्र और कमल रावत के बीच घटना वाले दिन लगातार संपर्क होने के सबूत भी पुलिस को मिले हैं।
चंपावत पुलिस ने साफ कहा है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाती है, लेकिन यदि कोई झूठे आरोप लगाकर कानून का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू पर गहन पड़ताल कर रही है।
फोटो_ पुलिस लाइन में पत्रकारों से प्रेस वार्ता करती पुलिस अधीक्षक रेखा यादव।
चंपावत में दुष्कर्म की कहानी निकली साजिश! पुलिस जांच में बड़ा खुलासा, बदले की आग में रचा गया पूरा खेल

