चंपावत: मीठे रीठे के चमत्कार से गूंजा रीठा साहिब, तीन दिवसीय जोड़ मेले का शुभारंभ।

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लोहाघाट। दुनिया में मीठे रीठे के चमत्कार के लिए प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में तीन दिवसीय सालाना जोड़ मेले का पारंपरिक शुभारंभ हो गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने विधिवत उद्घाटन कर मेले की शुरुआत की। इस दौरान एसडीएम नितेश डांगर, वीडीओ मोनिका पाल, तहसीलदार चंद्रा सिंह हरकोरिया, गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह, दिल्ली से आए बाबा सुरेंद्र सिंह, ट्रस्टी अजीत पाल सिंह, मलकीत सिंह, अजीत सिंह, गुरुवंत सिंह (सोनी), दलजीत सिंह, हीरा सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
देश-विदेश से पहुंचे सिख संगत ने सीडीओ एवं प्रशासनिक अधिकारियों का भावपूर्ण स्वागत किया। सीडीओ डॉ. खाती ने दीवान हाल में माथा टेककर उत्तराखंड राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर दिल्ली के कारसेवा प्रमुख बाबा गुरुवचन सिंह ने संगत को आशीर्वाद दिया। वहीं बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा श्याम सिंह और गुरुद्वारा समन्वयक अजीत पाल सिंह ने सीडीओ डॉ. जी.एस. खाती तथा एसडीएम नितेश डांगर को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
बाबा गुरुवचन सिंह ने कहा कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में चंपावत जिला प्रशासन और पुलिस हर वर्ष उल्लेखनीय सहयोग प्रदान करते हैं, जिसके लिए संगत सदैव आभारी रहेगी।
मुख्य अतिथि डॉ. जी.एस. खाती ने कहा कि गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब के कारण चंपावत जिले को देश-विदेश में विशिष्ट पहचान मिली है। यहां आने वाले श्रद्धालु हमारे अतिथि हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म मानव कल्याण और सेवा का संदेश देता है तथा जहां भी मानवता को सहायता की आवश्यकता हुई, वहां सिख समाज ने सबसे पहले पहुंचकर सेवा धर्म निभाया।
उन्होंने गुरु नानक देव जी महाराज से जुड़ी मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके चरण पड़ने से यह स्थान पवित्र तीर्थ बना और उनकी आध्यात्मिक शक्ति से कड़वे रीठे में मिठास आ गई। साथ ही लधिया नदी के अहंकार को समाप्त करने के लिए छोटी रतिया नदी को शक्ति प्रदान की गई थी। गुरुद्वारे में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ की लड़ी निरंतर जारी है। दीवान हाल में गुरुवाणी और शबद कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। तीर्थयात्रियों के आने-जाने का सिलसिला लगातार जारी है। स्थानाभाव के चलते श्रद्धालु मत्था टेकने और लंगर छकने के बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह के अनुसार अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। सीडीओ ने मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संतोष व्यक्त किया। नवनिर्मित पार्किंग स्थल में सुगम पार्किंग व्यवस्था से श्रद्धालु बेहद खुश नजर आए। वहीं आवागमन के लिए लधिया नदी पर अस्थायी पुल बनाया गया है। पेयजल, विद्युत, चिकित्सा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बिहार के पटना साहिब से मुखिया रंजीत सिंह भी मेले में पहुंच चुके हैं। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

फोटो_ तीन दिवसीय जोड़ मेले का उद्घाटन करते सीडीओ डॉ. जी.एस. खाती, साथ में बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा श्याम सिंह एवं एसडीएम नितेश डांगर।


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