चंपावत: गाड़ी छोड़ पैदल न्यायालय पहुंचे जिला जज, दिया ईंधन बचत का संदेश

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‘सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन’ अभियान के तहत न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने भी किया पैदल मार्च

चंपावत। ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुज कुमार संगल अपने आवास से जिला न्यायालय तक पैदल पहुंचे। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी भी पैदल चलकर न्यायालय पहुंचे।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संचालित ‘सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन’ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। गौरल चौड़ स्थित आवास से न्यायालय परिसर तक पैदल पहुंचे जिला जज ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की आवश्यकता है और ईंधन की बचत प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं और सीमित संसाधनों को देखते हुए सभी लोगों को ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग की आदत अपनानी चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी एवं पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) ने भी सहभागिता की। स्वयंसेवकों ने आमजन को ईंधन संरक्षण के उपायों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ईंधन की बचत न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

फोटो_‘सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन’ अभियान के तहत शनिवार को जिला न्यायालय की ओर पैदल जाते जनपद न्यायाधीश अनुज कुमार संगल तथा उनके साथ न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी।


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