चंपावत: मानसून से पहले एक्शन मोड में डीएम मनीष कुमार, बाढ़ सुरक्षा से लेकर रोपवे और हेलीपेड तक, संवेदनशील क्षेत्रों का किया मैराथन निरीक्षण।

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स्पष्ट निर्देश— गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, तय समय सीमा में पूरे हों सभी कार्य।

टनकपुर/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शनिवार को जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण कर मानसून पूर्व तैयारियों, बाढ़ सुरक्षा कार्यों तथा विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने टनकपुर, शारदा बैराज, शारदा घाट, किरोड़ा नाला, बूम और बाटनागाड़ क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बूम और बाटनागाड़ में चल रहे चैनलाइजेशन एवं सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि मानसून से पहले स्थायी और प्रभावी बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शारदा नदी तट पर चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने सिंचाई विभाग को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पूरी तरह धरातल पर दिखाई देने चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शारदा घाट परियोजना की प्रगति का भी जायजा लिया और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील प्रशासन को नियमित निगरानी और स्थलीय सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा।
अगस्त से पहले तैयार होगा चूका हेलीपेड निर्माणाधीन चूका हेलीपेड का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को अगस्त माह से पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलीपेड परिसर में बाधक पेड़ों के नियमानुसार निस्तारण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने पर जोर दिया। तहसीलदार पिंकी आर्या और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए।
पूर्णागिरि रोपवे परियोजना का 40 प्रतिशत कार्य पूरा निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महत्वाकांक्षी पूर्णागिरि रोपवे परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। प्रोजेक्ट मैनेजर महेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि परियोजना का लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और मई 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीएम ने निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ श्रमिकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

फोटो – टनकपुर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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