चंपावत: जनता को भटकाने नहीं, समस्याओं का समाधान करने के लिए हैं विभाग- डीएम मनीष कुमार।

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जनमिलन कार्यक्रम में 62 शिकायतें प्राप्त, अधिकांश का मौके पर निस्तारण; अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी

चंपावत। जनमिलन कार्यक्रम में बुधवार को कुल 62 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी विभाग जनता को भटकाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक आने की नौबत नहीं आनी चाहिए।
जनमिलन के दौरान प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले उनके समक्ष पहुंच रहे हैं, जिनका समाधान संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर ही कर सकते थे। दूर-दराज के गांवों से लोग अपनी समस्याएं लेकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं, जिससे उनका समय और संसाधन दोनों व्यर्थ हो रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी विधवा, वृद्ध अथवा पात्र व्यक्ति को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है तो समाज कल्याण विभाग को स्वतः संज्ञान लेते हुए ऐसे मामलों का समाधान करना चाहिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों, ग्राम विकास अधिकारियों और पंचायत विकास अधिकारियों से बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा ताकि पात्र लोगों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि गांवों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। कानीकोट गांव में लंबे समय से बने पेयजल संकट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं का समाधान जल संस्थान को स्वयं करना चाहिए। यदि अधिकारी हर मामले में जिलाधिकारी के निर्देशों की प्रतीक्षा करेंगे तो जनता को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ेगी।
डीएम मनीष कुमार ने अधिकारियों को अपनी कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने और जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं को टालने और लटकाने का दौर अब समाप्त हो चुका है। लोगों को यह विश्वास होना चाहिए कि उनकी समस्या विभाग तक पहुंचने के बाद उसका समाधान भी होगा।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रहे। साथ ही लोगों से व्हाट्सएप सहित अन्य माध्यमों से भी अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।
जिलाधिकारी की संवेदनशील कार्यशैली और त्वरित निर्णयों के कारण आम जनता का जिला प्रशासन पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। जनमिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी भी प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत मानी जा रही है।

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जब डीएम के पास बैठकर खुलकर बताते हैं लोग अपना दर्द

चंपावत। जनमिलन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार का सहज और मानवीय व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। गांवों से आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद लोगों को वे अपने पास बैठाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। जिलाधिकारी का यह अपनापन लोगों की झिझक दूर कर देता है और वे बेझिझक अपनी बात रख पाते हैं। प्रशासन और जनता के बीच बढ़ती यह निकटता जिले में सुशासन की नई मिसाल बन रही है।

फोटो_जनमिलन कार्यक्रम के दौरान फरियादियों को अपने पास बैठाकर उनकी समस्याएं सुनते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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