चंपावत: दुर्घटना में घायल की जान बचाने वाले देवतुल्य, अब मिलेगा ₹25 हजार का पुरस्कार- डीएम मनीष कुमार

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चंपावत। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उनकी जान बचाने वाले लोग साधारण नहीं, बल्कि देवत्व स्वरूप होते हैं। यह बात चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना के बाद का पहला घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है। इस दौरान समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।
डीएम ने बताया कि पहले लोग पुलिस या कोर्ट-कचहरी की झंझटों के डर से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की मदद करने से हिचकते थे, लेकिन चंपावत जैसे संवेदनशील जिले में लोग इंसानियत का परिचय देते हुए लगातार जरूरतमंदों की सहायता करते रहे हैं। ऐसे साहसी और मानवता की मिसाल पेश करने वाले लोगों को अब भारत सरकार ने “राहबीर” की संज्ञा दी है।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने या उसकी मदद करने वाले राहबीरों को ₹25 हजार का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यदि एक दुर्घटना में कई लोगों ने मिलकर सहायता की है, तो पुरस्कार राशि का समान रूप से वितरण किया जाएगा और सभी को सम्मानित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मदद करने वाले लोगों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। न तो उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने होंगे और न ही पुलिस द्वारा अनावश्यक पूछताछ की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति चाहे तो उसकी पहचान भी गोपनीय रखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि देशभर से चयनित 10 उत्कृष्ट राहबीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। डीएम मनीष कुमार ने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना के समय मानवता का परिचय देते हुए आगे आएं और जरूरतमंदों की मदद कर किसी की जिंदगी बचाने में भागीदार बनें।

फोटो_ जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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