51 सदस्यीय दल का छोलिया नृत्य और पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत, देश के 13 राज्यों से पहुंचे शिवभक्त।
टनकपुर/चंपावत। उत्तराखंड से होकर संचालित होने वाली पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शनिवार को शुभारंभ हो गया। यात्रा का पहला 51 सदस्यीय जत्था शाम को टनकपुर स्थित शारदा पर्यटक आवास गृह (टीआरसी) पहुंचा, जहां देवभूमि की परंपरा के अनुसार छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं से तीर्थयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। टीआरसी प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दल में एक चिकित्सक सहित कुल 51 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 36 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार दल के चिकित्सक हैं।
दल में राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। शनिवार शाम यात्रियों के सम्मान में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं।
रविवार सुबह 8 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शारदा पर्यटक आवास गृह में पूजा-अर्चना के बाद प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से हो रहा है। इससे सीमांत जनपद चंपावत में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।


