फल, सब्जी, फूल और मधुमक्खी पालन की जुगलबंदी से बढ़ेगा उत्पादन, स्थानीय मंडी और बीज उत्पादन पर भी होगा जोर- डीएचओ योगेश भट्ट
चंपावत। चंपावत जिले का उद्यान विभाग अब नई सोच और नई कार्ययोजना के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। हाल ही में जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) का कार्यभार संभालने वाले योगेश भट्ट का मानना है कि जिले में बेमौसमी सब्जियों, फलों, फूलों और मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं हैं। इन सभी क्षेत्रों को एक-दूसरे का पूरक बनाकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
डीएचओ ने बताया कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही फल, सब्जी और मधुमक्खी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आने के साथ उत्पादन में 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है। इससे स्थानीय उत्पादों का स्वाद, पौष्टिकता और औषधीय गुण भी बेहतर होंगे।
उन्होंने बताया कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पॉलीहाउस खेती को बढ़ावा दिया जाएगा तथा अधिक से अधिक किसानों को टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा मल्चिंग तकनीक के माध्यम से सब्जी उत्पादन बढ़ाने और कीवी की खेती का दायरा विस्तारित करने की भी योजना है। कीवी को जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत कम नुकसान होने के कारण इसकी खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। योगेश भट्ट ने कहा कि विभागीय नर्सरियों में उन फलदार पौधों की पौध तैयार की जाएगी जिन्हें अभी तक बाहरी जिलों से मंगाना पड़ता है। साथ ही आलू, हल्दी और अदरक के गुणवत्तापूर्ण बीज भी स्थानीय स्तर पर तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे किसानों की बाहरी निर्भरता कम होगी और लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने बताया कि जिले में फूलों की खेती को फिर से प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही हल्द्वानी में फूलों की मंडी तथा चंपावत, लोहाघाट और खेतीखान में फल एवं सब्जी मंडी स्थापित कराने के लिए भी पहल की जाएगी। उनका विश्वास है कि इन प्रयासों से जिले के किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
फोटो_ जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट।
चंपावत: नई सोच के साथ आगे बढ़ेगा चंपावत का उद्यान विभाग, किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस।
