चंपावत: अस्पताल विवाद ने पकड़ा तूल, पत्रकार संगठन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन।

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निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग।

चंपावत। जिला अस्पताल में 18 जुलाई को समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। प्रकरण को लेकर चंपावत जिला पत्रकार संगठन ने जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।


संगठन ने आरोप लगाया कि एक पत्रकार अस्पताल में मरीज से जुड़ी शिकायत के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे थे। इसी दौरान जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पत्रकार संगठन का कहना है कि किसी समाचार को लेकर किसी पक्ष को आपत्ति हो तो उसका समाधान तथ्यात्मक जवाब और आधिकारिक स्पष्टीकरण के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि पत्रकारों पर दबाव बनाकर या टकराव की स्थिति पैदा कर।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ समय से जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित होने, एमआरआई तकनीशियन की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव, चिकित्सकों के स्थानांतरण, मरीजों एवं तीमारदारों की शिकायतों और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे लगातार सामने आते रहे हैं। इन जनहित से जुड़े सवालों को मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि इन मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पत्रकारों पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं, जो प्रेस की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पत्रकार संगठन ने जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराने की मांग की।
संगठन ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता और प्रशासन के बीच जवाबदेही की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जनहित के मुद्दों को सामने लाना मीडिया का दायित्व है और पत्रकारों के सम्मान के साथ प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।
इधर, अस्पताल विवाद के बाद अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच से न केवल अभद्र व्यवहार की वास्तविकता सामने आएगी, बल्कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

इस दौरान पत्रकार संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रबल्लभ ओली, महामंत्री गिरीश विष्ट, राजीव मुरारी,जया पुनेठा, पंकज पाठक, ब्रिजेश पांडे, दिनेश भट्ट,नंदू पाण्डेय, नवीन भट्ट, सूरी पंत, कमल भंडारी सहित तमाम पत्रकार साथी मौजूद रहे।

फोटो_ जिला अस्पताल प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपते चंपावत जिला पत्रकार संगठन के पदाधिकारी।


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