अमोड़ी के इजरा तोक में भूस्खलन से दो मंजिला भवन पर मंडरा रहा खतरा, डीएम से लगाई गुहार।
चंपावत। पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमोड़ी के समीप इजरा तोक में एनएच कटिंग के बाद एक आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। पिछले तीन वर्षों से लगातार भूस्खलन के कारण मकान के गिरने का खतरा बना हुआ है। भवन स्वामी रमेश चंद्र सुरक्षा के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने जिलाधिकारी मनीष कुमार से मकान की सुरक्षा के लिए जल्द आवश्यक इंतजाम कराने की गुहार लगाई है।
कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के इजरा तोक निवासी रमेश चंद्र का दो मंजिला मकान करीब तीन साल पहले एनएच कटिंग के दौरान खतरे की जद में आया था। इसके बाद से लगातार भूस्खलन होने से मकान के आसपास खतरा बढ़ता जा रहा है। बरसात के दौरान परिवार को दूसरे मकान में शरण लेकर रहना पड़ रहा है। रमेश चंद्र ने बताया कि मकान की सुरक्षा के लिए एनएच समेत संबंधित विभागों को कई बार प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रमेश चंद्र वाहन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह स्वयं मकान की सुरक्षा के इंतजाम कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने डीएम से जल्द सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है।
एनएच के अधिशासी अभियंता विभोर गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है। संबंधित स्थान पर सुरक्षा कार्य के लिए 70 लाख रुपये की डीपीआर तैयार कर राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद जल्द सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
फोटो_अमोड़ी के इजरा तोक में एनएच कटिंग के बाद खतरे की जद में आया रमेश चंद्र का आवासीय मकान।
चंपावत: एनएच कटिंग से खतरे में आया मकान, तीन साल से सुरक्षा की आस।
