चंपावत: वन दरोगा पर हमले से वनकर्मियों में उबाल, तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी।

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चंपावत। देवीधूरा वन क्षेत्र में गश्त के दौरान वन दरोगा पवन सिंह माहरा के साथ मारपीट और उनका मोबाइल छीन ले जाने की घटना को लेकर वन विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। शनिवार को सहायक वन कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय स्थित मंथन सभागार में हुई बैठक में कर्मचारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।
वनकर्मियों का आरोप है कि 22 जुलाई को विभागीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान स्थानीय युवकों ने वन दरोगा के वाहन को घेरकर रोक लिया और उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनका सैमसंग गैलेक्सी एस-23 मोबाइल भी झपट लिया गया, जो अब तक बरामद नहीं हो सका है। मामले में वन दरोगा की ओर से थाना पाटी में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कर्मचारियों ने कहा कि घटना को 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि तीन दिन के भीतर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सभी संवर्गों के वनकर्मी संयुक्त रूप से थाना पाटी पहुंचकर चरणबद्ध आंदोलन और धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि कार्यक्षेत्र में वनकर्मियों पर हमले और आरोपियों पर समय पर ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
बैठक की अध्यक्षता सहायक वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रेवाधर जोशी ने की, जबकि संचालन महामंत्री मोहन पाण्डेय ने किया। बैठक में वन क्षेत्राधिकारी संघ, उप वन क्षेत्राधिकारी संघ, वन बीट अधिकारी संघ, फॉरेस्ट मिनिस्ट्रीयल संघ और चतुर्थ श्रेणी संघ समेत चम्पावत वन प्रभाग के विभिन्न वन क्षेत्रों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में बूम, दोगाड़ी, चंपावत, देवीधूरा, लोहाघाट, भिंगराड़ा और काली कुमाऊं वन क्षेत्रों के कर्मचारियों ने भी सहभागिता की। विभिन्न घटक संघों से दूरभाष के माध्यम से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई।

फोटो_ वन दरोगा पर हमले के विरोध में चंपावत के मंथन सभागार में बैठक करते वन विभाग के विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारी और कर्मचारी।


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