ब्लॉक परिसर में खुले में पड़े पौधों के मामले के बाद प्रशासन सक्रिय, ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने पौधों की देखभाल का भी लिया संकल्प।
बाराकोट/चंपावत। प्रदेशभर में 16 जुलाई को चलाए गए व्यापक वृक्षारोपण अभियान के बीच बाराकोट विकासखंड में ब्लॉक परिसर में खुले में पड़े पौधों और उनके सूखने की तस्वीरें सामने आने के बाद अभियान की जमीनी स्थिति पर सवाल उठे। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई और जिलाधिकारी मनीष कुमार के हस्तक्षेप के बाद पौधों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाकर रोपित करने का कार्य तेज कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार बाराकोट विकासखंड की 48 ग्राम सभाओं में प्रति ग्राम सभा 200 पौधे वितरित किए जाने की योजना बनाई गई थी। इन पौधों की खरीद पर करीब चार लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई। हालांकि, पौधों के समय पर वितरण और रोपण नहीं होने के कारण उनके खुले में पड़े रहने की तस्वीरें सामने आईं, जिसके बाद व्यवस्था और पौधों के संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे।
मामला सामने आने के बाद खंड विकास अधिकारी की ओर से बताया गया कि पौधों का वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा था तथा शेष पौधों को वन पंचायत बाराकोट को सौंप दिया गया है। इसके बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार के हस्तक्षेप और निर्देशन में अभियान को गति दी गई।
जिलाधिकारी के निर्देशन में अब ग्राम प्रधानों, वन पंचायतों और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया है।
ग्रामीणों और संबंधित संस्थाओं ने स्पष्ट किया कि पौधारोपण को केवल औपचारिक अभियान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पौधों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल की जाएगी।
वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और भविष्य में वृक्ष बनने से तय होती है। ऐसे में बाराकोट में पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण और देखभाल का संकल्प लिया जाना अभियान को धरातल पर सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन की इस पहल से अब उम्मीद जगी है कि अभियान के तहत लगाए जा रहे पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल सुनिश्चित होगी तथा बाराकोट क्षेत्र में हरियाली का दायरा बढ़ेगा।
फोटो_बाराकोट ब्लॉक परिसर में खुले में पड़े सूखते पौधे।
