बनबसा में साथियों से अलग हुई मासूम, एएचटीयू टीम की पहल से परिवार में लौटी खुशियां
चंपावत। सीमांत जनपद चंपावत पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिछड़ी नेपाली मूल की एक बालिका को सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में चलाए जा रहे मानवीय पुलिसिंग अभियान के तहत एएचटीयू चंपावत की टीम ने बनबसा क्षेत्र में एक नेपाली बालिका को बरामद किया, जो अपने साथियों से बिछड़ गई थी। बालिका अपने साथियों के साथ भारत भ्रमण पर आई थी, लेकिन रास्ते में उनसे अलग हो गई।
क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण एवं एएचटीयू प्रभारी नंद किशोर बचकोटी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालिका से जानकारी प्राप्त की। पूछताछ में बालिका ने अपना पता पोखरा महानगरपालिका-9, जिला कास्की, नेपाल बताया। इसके बाद एएचटीयू टीम ने नेपाल स्थित आफन्त (KIN) एनजीओ से समन्वय स्थापित कर बालिका के परिजनों की जानकारी जुटाई और आवश्यक सत्यापन के बाद उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
चंपावत पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी ही नहीं निभाती, बल्कि जरूरत के समय लोगों का सहारा भी बनती है।
फोटो_नेपाली बालिका को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने के बाद एएचटीयू चम्पावत पुलिस टीम।
चंपावत पुलिस बनी सहारा, बिछड़ी नेपाली बालिका को पहुंचाया अपनों तक।
