चंपावत: बूथ के कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक का सफर, धामी ने युवाओं को सुनाई संघर्ष की कहानी।

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सर्वोच्च पद तक; नकल विरोधी कानून, रोजगार और नशामुक्ति पर भी खुलकर बोले मुख्यमंत्री।

बनबसा/चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बनबसा में युवाओं के बीच अपने राजनीतिक सफर के संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि राजनीति उन्हें विरासत में नहीं मिली। परिवार में कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी, लेकिन देश और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लेकर उन्होंने एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में सफर शुरू किया। निष्ठा, अनुशासन और मेहनत के बल पर यही सफर उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी तक ले आया।
होटल शुमंगलम में आयोजित युवा संवाद में मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों का सीधे जवाब दिया। छात्रा मिलन कलखुड़िया ने उनके जीवन सफर को लेकर सवाल किया तो धामी ने छात्र जीवन से लेकर राजनीतिक यात्रा तक के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्व को पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निभाकर महान बनता है।
नकल माफिया पर शिकंजा, 34 हजार से ज्यादा नियुक्तियों का दावा।

छात्रा प्रीति पांडे ने कानून की सराहना करते हुए टनकपुर में परीक्षा केंद्र बनाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं।
छात्र सुमित सिंह नायक ने यूसीसी, नकल विरोधी कानून और विकास कार्यों को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। सरकार के अनुसार अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।



छात्र रोहित शर्मा के नशे के खिलाफ संदेश संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने की अपील की।
धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका होगी। देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी युवा है और सही दिशा मिले तो यही शक्ति देश की तस्वीर बदल सकती है।

छात्र नमन पुरी ने युवा आयोग को लेकर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है। आयोग युवाओं को मार्गदर्शन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पलायन रोकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर तैयार किया जा रहा है। इसके साथ आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सीमांत जिले चंपावत में शिक्षा, खेल और रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है।

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पहाड़ी में सवाल, पहाड़ी में जवाब।

युवा संवाद के दौरान छात्र अंकित भट्ट ने मुख्यमंत्री से पहाड़ी भाषा में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने भी पहाड़ी में जवाब देकर युवाओं के साथ संवाद को सहज बना दिया। कार्यक्रम में यह क्षण खास आकर्षण का केंद्र रहा।
47 लाख के पैकेज से एवरेस्ट विजेता तक सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली जिले की युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें NEET सफल हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये सालाना पैकेज हासिल करने वाली श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रैसलिंग के स्वर्ण पदक विजेता पवन गढ़कोटी शामिल रहे।

इसके अलावा खेल एवं दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में संदीप रस्तोगी, गौ सेवा में पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान में मनीष सिंह, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में अजंता विजय, बागवानी से स्वरोजगार स्थापित करने वाले कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति एवं मीडिया क्षेत्र में तरुण भट्ट और युवतियों को सेना-पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली अरुणिमा रावत को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ राज्य के विकास, पलायन रोकने और युवाओं को अवसर देने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यूसीसी, सख्त नकल विरोधी कानून, शिक्षा प्राधिकरण और अतिक्रमण हटाने जैसे फैसलों के साथ सरकार युवाओं के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

फोटो_बनबसा में युवा संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल करते युवा।


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