

नेत्रदान पखवाड़े में चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर में चला जागरूकता अभियान।
चंपावत। आंखों की रोशनी किसी के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद होती है। इसी उम्मीद को कायम रखने के लिए नेत्रदान पखवाड़े के तहत बुधवार को जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला अस्पताल चम्पावत, उप जिला अस्पताल लोहाघाट और टनकपुर में आयोजित कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी।
वक्ताओं ने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन में उजाले की नई किरण ला सकता है। नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना भी जरूरी है। लोगों को बताया गया कि नेत्रदान को लेकर फैली गलत धारणाओं से बाहर निकलकर इस नेक पहल का हिस्सा बनना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं
नेत्रदान के लिए आगे आएं और परिवार व समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक नेत्रदान का संदेश पहुंचाना और जरूरतमंदों के जीवन में रोशनी की उम्मीद बढ़ाना है।
कार्यक्रम में लोगों ने नेत्रदान से जुड़ी जानकारी हासिल की और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि जीवन समाप्त होने के बाद भी किसी की आंखों के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति की दुनिया में उजाला कायम रखा जा सकता है।
फोटो_नेत्रदान पखवाड़े के तहत लोगों को जागरूक करते स्वास्थ्यकर्मी।




