चंपावत: तीसरे-चौथे दिन पानी ने बढ़ाई लोहाघाट की प्यास, अब सरयू से आस!

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84 करोड़ की योजना पर तेज हुआ काम, अक्टूबर 2027 तक पूरा होने का दावा।

रोज 40 लाख लीटर पानी से खत्म होगी वर्षों पुरानी किल्लत।

लोहाघाट। बरसात में भी अगर नलों से पानी तीसरे-चौथे दिन टपके तो समझिए संकट कितना गहरा है। लोहाघाट नगरवासी लंबे समय से इसी पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं। अब उनकी नजर 84 करोड़ रुपये की सरयू लिफ्ट पेयजल योजना पर टिकी है। योजना पूरी होने के बाद नगर की प्यास बुझने और खासकर महिलाओं को पानी के लिए होने वाली मशक्कत से राहत मिलने की उम्मीद है।

सरयू नदी से लोहाघाट तक पानी पहुंचाने की मांग कोई नई नहीं है। कई पीढ़ियां इस इंतजार में गुजर गईं, लेकिन अब योजना धरातल पर आकार ले रही है। चार स्टेज में तैयार हो रही योजना के तहत करीब 16 किलोमीटर मुख्य लाइन, 29 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन लाइन और 5.30 किलोमीटर सप्लाई मेन बिछाई जानी है। इसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना की रफ्तार पर जिलाधिकारी मनीष कुमार लगातार नजर रखे हुए हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता अशोक स्वरूप ने बताया कि पाइपों की सप्लाई का ऑर्डर दिया जा चुका है। योजना पूरी होने पर लोहाघाट को प्रतिदिन करीब चार एमएलडी यानी 40 लाख लीटर पानी मिलने का दावा है।

2057 की जरूरत को ध्यान में रखकर डिजाइन_

अधिशासी अभियंता के अनुसार योजना को सिर्फ आज की जरूरत के लिए नहीं, बल्कि वर्ष 2057 की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। निर्माण कार्य में करीब 16 किलोमीटर वन भूमि प्रभावित हो रही है, जिसकी अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। वन विभाग से सकारात्मक सहयोग मिलने की बात कही गई है।

अब खत्म होगा ‘पानी कब आएगा’ का इंतजार?

लोहाघाट में पेयजल आपूर्ति की स्थिति लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। ऐसे में सरयू लिफ्ट योजना से उम्मीदें भी बड़ी हैं। लोगों को इंतजार है कि योजना समय पर पूरी हो और नगरवासियों को तीसरे-चौथे दिन पानी का इंतजार करने की मजबूरी से स्थायी निजात मिले।

फोटो_ छंदा रेगड़ू गांव में सरयू लिफ्ट पेयजल योजना के तहत टंकी और स्टाफ क्वार्टर के निर्माण में जुटे मजदूर।


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