

कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमे की मांग।
खटीमा (उधम सिंह नगर ) । दिल्ली के साकेत क्षेत्र में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट और अभद्रता का मामला अब खटीमा तक पहुंच गया है। घटना के विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने आक्रोश जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। वरिष्ठ पत्रकार हीरा चंद राजपूत के नेतृत्व में पत्रकारों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार खटीमा के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि 4 पीएम न्यूज नेटवर्क की महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान कार्यक्रम की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज तथा अभद्र व्यवहार किया।

पत्रकारों ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ इस तरह का कथित व्यवहार गंभीर मामला है। पत्रकारों का काम घटनाओं को जनता तक पहुंचाना है और उनके कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप या दुर्व्यवहार स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय है।
ज्ञापन में पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, दोष सिद्ध होने पर निलंबन की कार्रवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
उत्तराखंड मीडिया क्लब के अध्यक्ष दीपक फुलेरा और महामंत्री गोरख नाथ ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पत्रकारों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार की घटनाओं को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों को निर्भीक होकर काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।
पत्रकारों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और मीडिया कवरेज के दौरान पत्रकारों के अधिकार एवं सम्मान सुनिश्चित किए जाएं।
फोटो_महिला पत्रकारों से कथित अभद्रता के विरोध में खटीमा में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते पत्रकार।



