

ग्रामीणों से सीधा संवाद, जीआईसी की पहल से लेकर तारबाड़ और सड़क सुधार तक दिए भरोसे।
चंपावत। जन्माष्टमी अवकाश के दिन भी जिलाधिकारी मनीष कुमार प्रशासनिक दफ्तरों तक सीमित नहीं रहे। वह दूरस्थ सल्ली गांव पहुंचे और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने शिक्षा, सड़क और खेती से जुड़ी समस्याएं रखीं तो डीएम ने संबंधित मामलों में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।
गांव के बच्चों की आगे की पढ़ाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने राजकीय हाईस्कूल सल्ली को जीआईसी का दर्जा दिलाने की दिशा में पहल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक जीआईसी की सुविधा उपलब्ध नहीं होती, तब तक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और विद्यावाहिनी के माध्यम से उनकी आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद की जाएगी।
जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी डीएम ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने खेती की सुरक्षा के लिए तारबाड़ उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक कराने के साथ ग्रामीणों की अन्य समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने के बजाय वे व्हाट्सऐप के माध्यम से अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। इससे ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत होगी।
ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिया।
भ्रमण में लोनिवि के अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता बीएस बोहरा, बीडीओ अशोक अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो_ सल्ली गांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते जिलाधिकारी मनीष कुमार।




