चंपावत: गड्ढों के खिलाफ डीएम का एक्शन प्लान, 15 अक्टूबर तक सड़कें होंगी चकाचक।

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15 सितंबर से चलेगा वृहद अभियान,15 अक्टूबर तक पूरे जिले की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त।

चंपावत। मानसून की बारिश ने जिले की सड़कों की जो तस्वीर बिगाड़ी है, अब उसे सुधारने के लिए प्रशासन ने समयसीमा तय कर दी है। सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी मोटर मार्गों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्रशासन ने इसके लिए बाकायदा कार्ययोजना तैयार की है। 15 सितंबर से वृहद गड्ढामुक्ति अभियान शुरू होगा। इससे पहले संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिन्हित करना होगा और एक सप्ताह के भीतर कार्ययोजना तैयार करनी होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एनपीसीसी, ग्रामीण निर्माण विभाग, पीआईयू ठुलीगाड़, जिला पंचायत, विकासखंडों और नगर निकायों को अभियान में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक सड़क की जिम्मेदारी एक ही संस्था के पास_

प्रशासन ने इस बार जिम्मेदारी को लेकर भी व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। एक मोटर मार्ग की गड्ढामुक्ति का काम एक ही कार्यदायी संस्था करेगी। इससे विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर होने वाली खींचतान पर रोक लगेगी और सड़क खराब मिलने पर संबंधित संस्था की जवाबदेही भी तय होगी।

जिलाधिकारी ने 15 सितंबर तक निविदा समेत सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को सड़क मरम्मत में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। साफ है कि अभियान का मकसद केवल गड्ढे भरकर खानापूर्ति करना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।
खराब सड़क का खामियाजा सबसे ज्यादा गांवों के लोगों, मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों और रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की यह समयबद्ध पहल जमीन पर कितनी असरदार साबित होती है, इसका जवाब अब 15 सितंबर से सड़कों पर दिखाई देगा।

फोटो_मॉडल जिला चंपावत की सड़कों के हाल।


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