चंपावत: उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के लिए साहित्यकार करें आवेदन, 5.51 लाख तक मिलेगा पुरस्कार।

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डीएम मनीष कुमार ने साहित्यकारों और रचनाकारों से नामांकन भेजने की अपील की, आठ श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार

चंपावत। उत्तराखंड की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और प्रदेश की भाषाओं व बोलियों के संरक्षण के लिए उत्तराखंड भाषा संस्थान ने ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान योजना-2026’ शुरू की है। योजना के तहत साहित्यकारों, लेखकों, कवियों और नवोदित रचनाकारों को आठ श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार की अधिकतम राशि 5.51 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

योजना के अंतर्गत उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान के लिए 5.51 लाख रुपये, दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार, साहित्य नारी वंदन सम्मान और बाल साहित्य लेखन पुरस्कार के लिए 1.51-1.51 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, मौलिक पुस्तक लेखन, अनूदित कृति और साहित्यिक पत्र-पत्रिका लेखन पुरस्कार के लिए एक-एक लाख रुपये तथा नवोदित साहित्य उद्यमान पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
योजना का उद्देश्य हिंदी, उर्दू, पंजाबी, नेपाली, कुमाऊंनी, गढ़वाली सहित उत्तराखंड की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों में साहित्य सृजन करने वाले साहित्यकारों को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से जौनसारी, थारू, बोक्सा, राजी, जोहारी, भोटिया सहित अन्य भाषाओं की साहित्यिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद में साहित्य लेखन से जुड़े साहित्यकारों के साथ ही विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पुरस्कारों के लिए नामांकन भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
डीएम ने जिले के साहित्यकारों, कवियों, रचनाकारों और साहित्य अनुरागियों से योजना में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे चंपावत की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रदेश स्तर पर पहचान और सम्मान दिलाने का अवसर मिलेगा।

फोटो_मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।


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