चंपावत: महिला जागरूकता से बदल रहा है पाटी के ग्रामीण क्षेत्रों का परिवेश।
27वें महिला सम्मेलन में गूंजा स्वर “चूड़ी वाले हाथ अब अबला नहीं, सबला हैं”। लोहाघाट। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और महिला जागरूकता की बदौलत गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। इस बदलाव में महिलाओं की अग्रणी भूमिका रही है। यह विचार पर्यावरण संरक्षण समिति तोली द्वारा आयोजित उत्तराखंड महिला परिषद के…
