चंपावत: “उड़ने का हौसला है, पर पंख नहीं” सुदूर सलान गांव की बेटियों का दर्द।
नौवीं के बाद स्कूल नहीं, सपनों पर लग रहा विराम; बेटियों की उम्मीदें प्रशासन पर टिकीं। लोहाघाट। सरयू घाटी के सलान गांव की एक बेटी का दर्द आज पूरे सिस्टम से सवाल कर रहा है। आखिर कौन समझेगा उस मन की पीड़ा, जिसमें उड़ने का सपना तो है, लेकिन पंख नहीं। यह बेटी राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री,…
