

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर बढ़ाया दबाव, काला फीता बांधकर जताएंगे विरोध।
चंपावत। स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर अब आर-पार की स्थिति बनती दिख रही है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने 391 स्थगित पदों को क्रियाशील करने समेत पांच सूत्रीय मांगों पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज फार्मासिस्ट 1 सितंबर से काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को तत्काल क्रियाशील करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन का कहना है कि फार्मासिस्ट संवर्ग का कैडर 1562 से घटाकर 963 पद कर दिया गया है, जबकि विभागीय आवश्यकता के बावजूद बड़ी संख्या में पद निष्क्रिय पड़े हैं। इसका असर दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की आशंका जताई गई है।
फार्मासिस्टों ने एमएसीपी में पदोन्नत पद का वेतनमान देने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, चिकित्सक विहीन चिकित्सा इकाइयों में कार्य करने का अधिकार देने और चारधाम यात्रा के लंबित देयकों का भुगतान करने की भी मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि पदोन्नति के सीमित अवसरों के कारण कई फार्मेसी अधिकारी 34 से 35 वर्ष तक एक ही पद पर सेवा देने को मजबूर हैं। संगठन ने 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत पद का वेतनमान देने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है।
आंदोलन से पहले जिला कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री कार्यालय चम्पावत और मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि प्रकाश चन्द्र तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान प्रदेश महामंत्री डॉ. सतीश चंद्र पाण्डेय, जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी, जिला मंत्री रोशन लाल विश्वकर्मा, संप्रेक्षक तान सिंह समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
फोटो_ 391 पदों को क्रियाशील करने समेत पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजते डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी।




