

कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का आकलन, कमजोर
दक्षताओं की होगी पहचान; 28 सितंबर तक चलेगा सुधार अभियान।
चंपावत। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 4,600 बच्चों की शैक्षिक दक्षता 7 सितंबर को परखी जाएगी। सचिव विद्यालयी शिक्षा के निर्देश पर कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन कराया जा रहा है। परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होगी और 60 मिनट की होगी।
आकलन में कक्षा 2 के करीब 600, कक्षा 5 के 1,750 और कक्षा 8 के 2,250 विद्यार्थी शामिल होंगे। कक्षा 2 में भाषा और गणित, कक्षा 5 में भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन तथा कक्षा 8 में भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की दक्षता जांची जाएगी। प्रश्नपत्र में मुख्य रूप से वस्तुनिष्ठ और पठन-बोध आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।
आकलन के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि विद्यार्थी किस विषय और किस दक्षता में पीछे हैं। परिणाम आने के बाद प्रत्येक दक्षता का विश्लेषण किया जाएगा। कमजोर पाए जाने वाले विद्यार्थियों के लिए 7 से 28 सितंबर तक उपचारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। इसके बाद 28 सितंबर को प्रस्तावित मध्यावधि आकलन में सुधार की स्थिति परखी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की उपलब्धि में कम से कम 10 प्रतिशत सुधार का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य की निगरानी और बच्चों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
आकलन के सफल संचालन की संयुक्त जिम्मेदारी मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह और डायट प्राचार्य दिनेश सिंह खेतवाल को दी गई है। विकासखंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों और वरिष्ठ डायट संकाय सदस्यों को नोडल व सह-नोडल अधिकारी बनाया गया है। बीआरपी, सीआरपी और आकलन प्रकोष्ठ भी अभियान में सहयोग करेंगे।
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों, एसएमसी/पीटीए और समुदाय से भी सहयोग की अपील की गई है।
दक्षता आकलन के जरिए अब बच्चों के सीखने के स्तर की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। इसके आधार पर कमजोरियों को दूर कर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने पर विभाग का जोर रहेगा।




