चंपावत। सुरक्षित मातृत्व को सुनिश्चित करने और मातृ-शिशु मृत्यु दर को शून्य करने के लक्ष्य के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में बाराकोट के रैगांव और चम्पावत के अमोड़ी में स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक किया।
अभियान के दौरान जिला बीसीसी फैसिलिटैटर अमित बिष्ट, एएनएम दीपा राणा व चंद्रकला, और फील्ड सुपरवाइजर दीपक सिंह बोहरा ने गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को घर पर प्रसव के संभावित खतरों के प्रति सचेत किया। टीम ने नियमित जांच, समय पर अल्ट्रासाउंड कराने और किसी भी जटिलता से बचने के लिए अस्पताल में ही प्रसव कराने की सलाह दी।
इसके साथ ही, स्वास्थ्य टीम ने आपात स्थिति में 108 एम्बुलेंस सेवा, प्रसव के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के लिए 104 टोल-फ्री नंबर के उपयोग की जानकारी भी विस्तार से दी। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल न केवल सरकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचा रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों ने भी टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना की है।
फोटो_ संस्थागत प्रसव के बारे में जानकारी देते स्वास्थ्य कर्मी।
चंपावत: अमोड़ी-रैगांव में स्वास्थ्य टीम की दस्तक, गर्भवती महिलाओं को दिया सुरक्षित प्रसव का संदेश
