चंपावत: देवीधार में गूंजे मां भगवती के जयकारे, आस्था के महासागर में डूबा पूरा क्षेत्र।

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तीन गांवों से निकली भव्य देवी रथ शोभायात्राएं बनीं आस्था का केंद्र, देवी स्वरूपों के दर्शन को उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रवासी भी पहुंचे कुलदेवी के दरबार।

लोहाघाट। देवीधार में आयोजित ऐतिहासिक पांच दिवसीय देवी महोत्सव का समापन बुधवार को अभूतपूर्व श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। अंतिम दिन मां भगवती के दर्शन के लिए देवीधार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। कलीगांव, डैंसली और रायनगर चौड़ी से निकली पारंपरिक देवी रथ शोभायात्राओं ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

ढोल-दमाऊ की गूंज, रणसिंघों की स्वर लहरियां और “जय मां भगवती” के जयघोषों से देवीधार घंटों तक गूंजता रहा।
महोत्सव की पूर्व संध्या पर तीनों गांवों में पूरी रात देवी जागरण का आयोजन हुआ। महामाया भगवती सहित स्थानीय देवी-देवताओं का विधिवत आह्वान किया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कुलदेवी के प्रति अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुंबई, दिल्ली और उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में रहने वाले प्रवासी भी विशेष रूप से अपने गांव लौटे और कुलदेवी के चरणों में शीश नवाया।
मंदिर परिसर पहुंचने के बाद तीनों देवी रथों ने परंपरा के अनुसार मां भगवती मंदिर की परिक्रमा की। रायनगर चौड़ी से निकली शोभायात्रा पूरे महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही। इस दौरान हरीश कापड़ी एवं गीता राय मां भगवती के दिव्य स्वरूप में अवतरित हुए, जबकि राधिका देवी ने महाकाली के रौद्र स्वरूप में भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया। देवी स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा और पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा व भक्ति के अद्भुत वातावरण में डूब गया।
महोत्सव के दौरान नि:संतान महिलाओं ने देवी रथों के नीचे से गुजरकर संतान प्राप्ति की मनोकामना की। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना पर मां भगवती भक्तों की झोली खुशियों से भर देती हैं। इस परंपरा का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बावजूद मां भगवती की कृपा से मौसम अनुकूल बना रहा और पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। मेले में लगी दुकानों पर भी जबरदस्त रौनक रही। कई व्यापारियों का सामान समय से पहले ही समाप्त हो गया। देवीधार को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पूरे आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। सफल आयोजन के बाद महोत्सव समिति एवं पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

फोटो_देवीधार महोत्सव के अंतिम दिन रायनगर चौड़ी से निकली भव्य देवी रथ शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब।


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