मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की जनपद की सराहना, डीएम मनीष कुमार के नेतृत्व में हासिल हुई बड़ी सफलता।
चंपावत। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में चंपावत ने प्रदेशभर में अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। जिले ने गणना फार्मों के डिजिटाइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर उत्तराखंड के अग्रणी जनपदों में स्थान बना लिया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में चंपावत की विशेष सराहना की।
समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को डिजिटाइजेशन कार्य शीघ्र पूरा करने, “अन-कलेक्टेबल” श्रेणी के मतदाताओं का दोबारा सत्यापन कराने तथा मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि डिजिटाइजेशन का कार्य 92 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। चंपावत और अल्मोड़ा ने 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर सबसे आगे रहने का गौरव हासिल किया। वहीं बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 97 प्रतिशत, टिहरी गढ़वाल में 96 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 95 प्रतिशत, चमोली और पौड़ी गढ़वाल में 94 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 93 प्रतिशत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में 91 प्रतिशत तथा देहरादून और हरिद्वार में 88 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने चंपावत की उपलब्धि को सराहनीय बताते हुए कहा कि आगामी चरणों के कार्य भी इसी गति और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने डीईओ एवं ईआरओ को बूथवार एएसडी सूची की स्वयं समीक्षा करने तथा “अन-कलेक्टेबल” मतदाताओं का पुनः सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
इस सफलता के पीछे जिलाधिकारी मनीष कुमार की लगातार मॉनिटरिंग, सटीक रणनीति और टीम आधारित कार्यप्रणाली को अहम माना जा रहा है। उन्होंने स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा करते हुए प्रत्येक चरण की निगरानी की, जिसका परिणाम यह रहा कि मॉडल जिला चंपावत ने निर्धारित समय से पहले लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई। प्रशासनिक सक्रियता, अधिकारियों-कर्मचारियों के बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्यशैली के दम पर चंपावत एक बार फिर निर्वाचन संबंधी कार्यों में ‘मॉडल जनपद’ के रूप में उभरकर सामने आया है।
फोटो_जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत ने रचा नया रिकॉर्ड, एसआईआर गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन सौ फीसदी पूरा।
