चंपावत। ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन की रोकथाम और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास भवन चंपावत में राज्य पलायन निवारण आयोग की बैठक आयोजित की गई। आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा रिटर्न माइग्रेंट्स ने भाग लिया। इस दौरान रिटर्न माइग्रेंट्स ने कृषि, बागवानी, डेयरी, हस्तशिल्प और अन्य लघु उद्यमों के माध्यम से स्थापित अपने व्यवसायों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय सहयोग से उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने में सहायता मिली, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए। आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने कहा कि पलायन की समस्या का स्थायी समाधान स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने में है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए तथा रिटर्न माइग्रेंट्स को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और उत्पादों के विपणन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोग के उपाध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्थानीय विकास और रोजगार सृजन के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर राज्य पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव भरत चंद्र भट्ट की ओर से रिटर्न माइग्रेंट्स को उत्कृष्ट कार्य के लिए मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आयोग के सदस्य सुरेश सुयाल ने किया। बैठक में डीडीओ दिनेश दिगारी, पीडी अजय सिंह, एपीडी विमी जोशी, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र सुमेधा, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ग्रामोत्थान परियोजना (रीप), आरबीआई तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेते हुए स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी साझा की।
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