चंपावत: पूर्णागिरि मेले में बदला ट्रेंड: सुबह-शाम उमड़ रही भारी भीड़, दिन में धूप से राहत की तलाश।

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धूप के चलते बदली तीर्थयात्रियों की दिनचर्या, रात में पड़ाव और सुबह दर्शन का बढ़ा चलन।

टनकपुर/चंपावत। प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में इन दिनों तीर्थयात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण अब दिन के मुकाबले सुबह और शाम के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दोपहर के समय जहां भीड़ कम हो रही है, वहीं सुबह और सांझ के समय मेला क्षेत्र पूरी तरह गुलजार नजर आता है।
नेपाल सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु अब रात में पड़ाव डालकर सुबह शारदा घाट में स्नान करने के बाद मां पूर्णागिरि के दर्शन कर लौट रहे हैं। मैदानी क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु भी इसी पैटर्न को अपना रहे हैं, जिससे सुबह-शाम का समय मेले का सबसे व्यस्त समय बन गया है।

मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी के अनुसार, धूप से बचने के लिए श्रद्धालु सुबह और शाम के समय पैदल यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेले में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी बीच शारदा घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया। मुरादाबाद के लालबाग की रहने वाली दो बहनें स्नान के दौरान नदी की तेज धार में बहने लगीं। मौके पर मौजूद जल पुलिस और गोताखोरों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू अभियान में गोताखोर रविन्द्र कुमार, पीआरडी जवान सूरज शर्मा, हेड कांस्टेबल कपूर राणा, राकेश गिरी, दीप चंद्र, मुकेश राणा और जावेद खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हालांकि स्नान घाटों पर जल पुलिस द्वारा सुरक्षा डोरियां लगाई गई हैं और लगातार लोगों को आगे न बढ़ने की चेतावनी दी जा रही है, इसके बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते नजर आ रहे हैं। फिर भी जल पुलिस की सतर्कता के चलते अब तक दर्जनों लोगों, खासकर युवाओं की जान बचाई जा चुकी है।

फोटो – शारदा घाट पर जल पुलिस की मुस्तैदी, डूबने से बचाई गई दो महिलाएं को सुरक्षित बाहर निकाला।


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