चंपावत: महापुरुषों को याद करना ही नहीं, उनके आदर्शों को जीवन में उतारना जरूरी- डीएम।

Share This Post

गांधी-शास्त्री जयंती पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा का संकल्प

चंपावत। गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रसेवा और जनसेवा की भावना को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रगान के साथ हुआ। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गांधी  ने सत्य और अहिंसा को हथियार बनाकर देश को नई दिशा दी और स्वच्छता, स्वावलंबन, ग्राम स्वराज तथा सामाजिक समानता को मजबूत आधार बनाया। वहीं शास्त्री  का सादा जीवन, अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है।

डीएम ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने व्यवहार और कार्यशैली में उतारना है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से आम लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने, जनसेवा को प्राथमिकता देने और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही बनाए रखने को कहा।

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर सत्य, अहिंसा और शांति का संदेश दिया। अंत में अधिकारियों-कर्मचारियों समेत उपस्थित लोगों ने राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।


Share This Post