10 फीट खुदाई में एक के बाद एक प्रकट हुईं शिव शक्तियां, पांडवों से जुड़ी लोक मान्यताएं फिर हुईं जीवंत।
चंपावत। प्रसिद्ध मानेश्वर धाम में उस समय हड़कंप और उत्साह का माहौल बन गया, जब मठाधीशों की समाधियों को संरक्षित करने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान एक के बाद एक पांच शिवलिंग निकले। लगभग 8 से 10 फीट गहरी खुदाई में इन शिव शक्तियों के प्रकट होने से क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
शिवलिंगों को बाहर निकालने के बाद विधिवत स्नान कराकर उनकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई है। मानेश्वर धाम के मठाधीश धर्मराज जी महाराज के सानिध्य में इन शिवलिंगों का अभिषेक मानसरोवर जल से किया गया।
स्थानीय बुजुर्गों और जानकारों के अनुसार इस स्थान का संबंध पांडवों के अज्ञातवास काल से जुड़ा हुआ माना जाता है। जनश्रुति है कि युधिष्ठिर को अपने पिता पांडु का श्राद्ध करने के लिए मानसरोवर जाना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे नहीं जा सके। तब अर्जुन ने अपने गांडीव से इस स्थान पर बाण चलाकर मानसरोवर के जल का आवाहन किया, जिससे यहां जलधारा फूट पड़ी, जो आज भी मौजूद है। हैरानी की बात यह है कि इतनी ऊंचाई पर आसपास कहीं भी जल स्रोत नहीं मिलता।
101 वर्ष के वरिष्ठ शिक्षक मोती सिंह मेहता का मानना है कि ये शिवलिंग पांडवों द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु स्थापित किए गए होंगे। शिवलिंग मिलने की सूचना के बाद सुबह से ही श्रद्धालुओं का धाम में तांता लगा हुआ है।
धाम के प्रमुख स्वामी धर्मराज गुरु जी महाराज ने यहां जनसहयोग से भव्य मंदिर निर्माण की परिकल्पना रखी है, जिसका शिव भक्तों ने स्वागत किया है। साथ ही, मानेश्वर धाम के विकास और भगवान शिव की सप्तकोशी परिक्रमा को पुनर्जीवित करने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के बीच इन शिवलिंगों का प्रकट होना एक शुभ संकेत माना जा रहा है। मालूम हो कि मानसरोवर की यात्रा में दिल्ली से आने वाले तीर्थयात्रीयों का यहां पड़ाव बनाने तथा भगवान शिव की सप्तकोषी परिक्रमा को पुनर्जीवित करने की परिकल्पना के बाद उन पर महादेव की कृपा बनी हुई है।
फोटो – मानेश्वर धाम में खुदाई के दौरान निकले शिवलिंग, पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु और साधु-संत।
चंपावत: मानेश्वर धाम में खुदाई के दौरान निकले शिवलिंग क्षेत्र में कौतूहल और श्रद्धा का माहौल।
