श्रावण में आस्था का महासंगम- मानेश्वर धाम में नित्य रुद्राभिषेक, शिवभक्ति में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़।

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धर्मदास पुरी महाराज बोले श्रावण में रुद्राभिषेक से पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं; मुख्यमंत्री धामी की पहल से कैलाश-मानसरोवर यात्रियों का पहला पड़ाव बन सकता है मानेश्वर धाम।

चंपावत। श्रावण मास में चंपावत का प्रसिद्ध मानेश्वर धाम शिवभक्ति और आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना कर रहे हैं। श्री धर्मदास पुरी महाराज के संरक्षण में धाम में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और वैदिक कर्मकांड संपन्न हो रहे हैं। आचार्य दिव्या पांडे के सानिध्य में पूरे श्रावण मास विशेष रुद्राभिषेक और शिव आराधना का आयोजन किया जा रहा है। धर्मराज पुरी महाराज ने रुद्राभिषेक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विश्व कल्याण के लिए हलाहल विष का पान किया था। उनके शरीर की अग्नि को शांत करने के लिए देवताओं और शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया था। तभी से श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा से किया गया रुद्राभिषेक व्यक्ति की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है और जीवन की बाधाओं को दूर करने वाला सर्वोत्तम अनुष्ठान है।
उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु प्रतिदिन रुद्राभिषेक नहीं कर सकते, उन्हें कम से कम श्रावण मास में अवश्य यह अनुष्ठान करना चाहिए। मान्यता है कि इससे संतान सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
धर्मराज पुरी महाराज ने मानेश्वर धाम की पौराणिक महत्ता का उल्लेख करते हुए बताया कि सतयुग के प्रारंभ में पांचों पांडवों की उपस्थिति में अर्जुन ने अपने बाण से मानसरोवर के जल का आवाहन कर यहां जलधारा प्रवाहित की थी। उसी पवित्र जल से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर उन्होंने शिव कृपा प्राप्त की थी। इसी कारण मानेश्वर धाम को अत्यंत पवित्र और सिद्ध स्थल माना जाता है।

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कैलाश-मानसरोवर यात्रा का पहला पड़ाव बन सकता है मानेश्वर धाम।

चंपावत। धर्मराज पुरी महाराज की परिकल्पना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी समर्थन मिला है। प्रस्ताव है कि भविष्य में कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु अपनी यात्रा का पहला पड़ाव मानेश्वर धाम में करें। यहां स्नान और भगवान शिव के दर्शन-पूजन के बाद आगे की यात्रा प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सहमति जताते हुए मानेश्वर धाम को जोड़ने वाली सड़क को पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से विकसित करने की बात भी कही है। उनका मानना है कि इससे देशभर से आने वाले कैलाश-मानसरोवर यात्री मानेश्वर धाम के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे और इसकी धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।

फोटो  – श्रावण मास में चम्पावत के मानेश्वर धाम में आयोजित नित्य रुद्राभिषेक में भगवान शिव का जलाभिषेक करते श्रद्धालु।


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