

लोहाघाट में एबीवीपी का दबदबा, टनकपुर में एनएसयूआई की जीत; चंपावत में निर्दलीय भानु की जीत ने बदले समीकरण।
चंपावत। जिले के छात्रसंघ चुनाव परिणामों के बाद कहीं जीत का जश्न दिखा तो कहीं मायूसी का माहौल रहा। लोहाघाट, पाटी और टनकपुर में विजयी प्रत्याशियों के समर्थन में स्वागत और सम्मान कार्यक्रम हुए। वहीं चंपावत महाविद्यालय में निर्दलीय प्रत्याशी भानु तड़ागी की जीत ने छात्र राजनीति में नए समीकरणों को चर्चा में ला दिया।
लोहाघाट में एबीवीपी ने सभी प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की। परिणाम के बाद पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के कार्यालय में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। समर्थकों ने मिठाई बांटकर जीत की खुशी मनाई। टनकपुर में एनएसयूआई के विजयी प्रत्याशियों को पूर्व कांग्रेस विधायक हेमेश खर्कवाल ने बधाई दी। पाटी में भी नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों के सम्मान में कार्यक्रम हुए।


चंपावत महाविद्यालय का परिणाम सबसे अधिक चर्चा में रहा। एबीवीपी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे भानु तड़ागी ने एबीवीपी प्रत्याशी सागर मौनी को 536 मतों के अंतर से हराया। जीत के बाद भानु समर्थकों ने जश्न मनाया, जबकि एबीवीपी खेमे में मायूसी नजर आई।
भानु तड़ागी पूर्व में एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनका निर्दलीय चुनाव लड़ना और संगठन के अधिकृत प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराना छात्र राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। चुनाव परिणाम के बाद टिकट वितरण और प्रत्याशी चयन को लेकर भी संगठन के भीतर और बाहर चर्चा तेज हो गई है।
जिले के छात्रसंघ चुनावों ने इस बार छात्र राजनीति की अलग-अलग तस्वीर सामने रखी। कहीं संगठन की जीत पर कार्यकर्ताओं में उत्साह रहा तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने संगठन के चुनावी समीकरणों को चुनौती दी। अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने छात्रहित से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
फोटो_ जीते हुए छात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष हेमेश खर्कवाल।



