

शिक्षा के साथ संस्कार एवं भारतीय जीवन मूल्यों का ज्ञान समय की आवश्यकता- डॉ. कमलेश शक्टा
चंपावत। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, चंपावत में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों, भारतीय दर्शन, आयुर्वेद एवं योग की जानकारी दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत, जीवन मूल्यों तथा आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत एवं भारतीय दर्शन के विद्वान डॉ. कमलेश शक्टा ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों के चिंतन, साधना और अनुसंधान का परिणाम है। हमारे ऋषि-मुनियों और विद्वानों द्वारा दिया गया यह अमूल्य ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।
डॉ. शक्टा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। बच्चे के जीवन में परिवार संस्कारों की नींव रखता है, जबकि गुरु उसे सही दिशा देकर एक श्रेष्ठ मानव बनाता है। भारतीय दर्शन में गुरु-शिष्य परंपरा और पारिवारिक मूल्यों का विशेष महत्व है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के सात दशकों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दर्शन, आयुर्वेद और योग को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को पुनर्स्थापित करने के उनके प्रयासों को सदैव याद किया जाएगा।
कार्यक्रम से पूर्व विद्यालय के प्राचार्य कमल किशोर तिवारी ने डॉ. कमलेश शक्टा का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय को ऐसे विद्वान का सान्निध्य प्राप्त हुआ है, जिनका परिवार वेद, पुराण, भारतीय दर्शन, योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, गौरव और आत्मीयता की भावना को भी मजबूत करते हैं।




