

लोहाघाट महाविद्यालय में व्यंजन प्रदर्शनी बनी आकर्षण, पारंपरिक खानपान के संरक्षण पर दिया जोर।
लोहाघाट। भट की चुड़कानी, मड़ुवे की रोटी, भांग की चटनी और आलू के गुटकों के पारंपरिक स्वाद ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लोहाघाट में आयोजित व्यंजन प्रदर्शनी को खास बना दिया। सेवा संकल्प अभियान के तहत गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित पाक-कला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पहाड़ की समृद्ध खानपान संस्कृति को व्यंजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में पहाड़ी दाल-भात, पीनालू व ककड़ी की सब्जी, कद्दू की सब्जी, सूजी के पुए और खीर सहित विभिन्न पारंपरिक व्यंजन सजाए गए। विद्यार्थियों की पाक-कला और आकर्षक प्रस्तुति ने अतिथियों का ध्यान खींचा। आयोजन के माध्यम से स्थानीय खानपान की परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
मुख्य अतिथि दर्जा राज्य मंत्री एवं उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में सतत पर्यटन के सलाहकार सुभाष बगोली ने व्यंजनों का स्वाद चखकर विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पारंपरिक खानपान और प्राकृतिक सौंदर्य प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी अपनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य मुकेश कुमार तथा प्रधान संगठन चंपावत के पूर्व जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने भी विद्यार्थियों की पाक-कला की प्रशंसा की। उन्होंने पारंपरिक व्यंजनों को पहचान दिलाने और स्थानीय खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
समारोह में सेवा संकल्प अभियान के तहत पिछले 20 दिनों में आयोजित रंगोली, निबंध, पोस्टर और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। रंगोली में प्रकृति राणा, निबंध में दीक्षा बोरा तथा पोस्टर और भाषण प्रतियोगिताओं में प्राची अधिकारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा जोशी ने कहा कि सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया।
आयोजन में गृह विज्ञान विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. दिनेश आर्या, डॉ. विद्या कुमारी, डॉ. केसी जोशी, डॉ. सुमन पांडे और डॉ. दीपा सिंह ने सहयोग किया। संचालन डॉ. नवल किशोर लोहानी ने किया।
फोटो_पहाड़ी पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के साथ अतिथि।




