

पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क ने बढ़ाई परेशानी, जेसीबी की मदद से निकाला गया ट्रक।
चंपावत। बरसात के बीच सड़क किनारे चल रही खुदाई अब आम लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। रविवार को मादली क्षेत्र में इसका नजारा उस समय देखने को मिला, जब लोहाघाट से चंपावत की ओर आ रहा रेत से लदा एक ट्रक सड़क किनारे खोदी गई जगह पर बने दलदल में फंस गया। भारी वाहन के फंसते ही सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा।
सूचना के बाद जेसीबी की मदद से ट्रक को दलदल से बाहर निकालने का प्रयास किया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु कराया गया। हालांकि इस घटना ने बरसात के मौसम में सड़क खुदाई और निर्माण कार्यों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चंपावत मुख्यालय में शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) के तहत करीब छह किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए सड़क किनारे की जा रही खुदाई और लगातार बारिश के कारण करीब छह किलोमीटर सड़क का बड़ा हिस्सा बदहाल हो गया है। बारिश होते ही खुदाई वाले स्थानों पर मिट्टी और मलबा दलदल में तब्दील हो रहा है, जिससे वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मादली की घटना ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और सड़क बहाली की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क किनारे खुले गड्ढे और खोदी गई नालियां भारी वाहनों के साथ ही दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों के लिए भी खतरा बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल योजना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण एजेंसी को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि काम के दौरान सड़क और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त न हो। लोगों की मांग है कि खुदाई वाले हिस्सों को सुरक्षित करने के साथ ही सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए।
हालांकि जिला मुख्यालय में पाइपलाइन कार्य के दौरान सामने आ रही समस्याओं पर जिलाधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि कार्य में तेजी लाकर 15 सितंबर तक सड़क और आवागमन से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा। अब लोगों की नजर तय समयसीमा पर टिकी है कि क्या 15 सितंबर तक बदहाल सड़कें फिर से सामान्य हो पाएंगी।
फोटो_मादली में सड़क किनारे बने दलदल में फंसा रेत से लदा ट्रक, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई।




