चंपावत: 36वीं वाहिनी से विदा हुए ‘हिमवीर’ कैलाश राम, आंखों में यादें और दिल में राष्ट्रसेवा का जज्बा।

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लोहाघाट। वर्दी में वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद 36वीं वाहिनी आईटीबीपी लोहाघाट के निरीक्षक/जीडी कैलाश राम सेवानिवृत्त हो गए। उनके अधिवर्षता पर आयोजित विदाई समारोह में साथी हिमवीरों और परिवारजनों ने भावुक माहौल में उन्हें विदाई दी। कमांडेंट संजय कुमार के नेतृत्व में हुए समारोह में कैलाश राम के सेवाकाल और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

सेवानिवृत्ति की विदाई में उस समय खुशी के रंग भी घुल गए, जब समारोह में ही कैलाश राम का जन्मदिन मनाया गया। हिमवीर पदाधिकारियों और परिवारजनों ने केक खिलाकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद माला पहनाकर और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

विदाई के मौके पर निरीक्षक कैलाश राम ने आईटीबीपी और 36वीं वाहिनी में बिताए सेवाकाल की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि वर्दी में बिताया हर पल राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्य के नाम रहा। सेवाकाल में मिले अनुभव और साथियों का स्नेह हमेशा स्मृतियों में जीवंत रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों, हिमवीरों और परिवारजनों का आभार जताया।

कमांडेंट संजय कुमार ने कहा कि कैलाश राम ने लंबे सेवाकाल में कर्तव्य के प्रति समर्पण और अनुशासन की मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति वर्दी उतारने का पड़ाव जरूर है, लेकिन राष्ट्रसेवा के संस्कार और जिम्मेदारी की भावना कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। उन्होंने कैलाश राम को स्वस्थ, सुखी और सफल जीवन की शुभकामनाएं दीं।

समारोह में वाहिनी के हिमवीर पदाधिकारी और परिवारजन मौजूद रहे। भावुक विदाई के बीच साथी हिमवीरों ने अपने सहयोगी को नई जिंदगी की पारी के लिए शुभकामनाओं के साथ विदा किया।

फोटो_सेवानिवृत्ति पर निरीक्षक कैलाश राम को सम्मानित करते कमांडेंट संजय कुमार व हिमवीर।


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