

चंपावत। अब चंपावत की पहचान सिर्फ पर्यटन और तीर्थाटन तक सीमित नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जिले को खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में जमीन पर तेजी से काम शुरू हो गया है। खेल मैदानों से लेकर स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, टेनिस कोर्ट और एडवेंचर स्पोर्ट्स तक सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया छमनीया में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के रूप में जिले की बेटियों को खेल का बड़ा मंच मिल रहा है। प्रथम सत्र के लिए चयनित खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। वहीं करीब 9.52 करोड़ रुपये की लागत से स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज और लॉन टेनिस कोर्ट का निर्माण भी प्रगति पर है।
सरकार की योजना केवल बड़े खेल केंद्रों तक सीमित नहीं है। छोटे खेल मैदानों को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की तैयारी है, ताकि गांव-कस्बों की प्रतिभाओं को भी सुविधाएं मिल सकें। खिलाड़ियों और कोचों के प्रशिक्षण तंत्र को मजबूत करने के साथ अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रमुख स्थानों पर ओपन जिम विकसित करने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है।

पहाड़, नदी और आसमान तीनों पर एडवेंचर का दांव_
जिलाधिकारी ने बताया चंपावत की प्राकृतिक परिस्थितियों को अब खेल और पर्यटन की ताकत बनाने की तैयारी है। पर्यटन विभाग और तकनीकी एजेंसियों के माध्यम से राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और पैरामोटरिंग जैसी गतिविधियों के लिए संभावनाएं तलाशने और प्रशिक्षण देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यानी आने वाले समय में चंपावत में मैदान पर खेल प्रतिभाएं निखरेंगी, नदियों में राफ्टिंग का रोमांच होगा और आसमान में पैराग्लाइडिंग-पैरामोटरिंग का रोमांच नजर आएगा। सरकार की यह पहल जिले को खेल, युवा प्रतिभा और एडवेंचर पर्यटन तीनों मोर्चों पर नई पहचान देने की तैयारी है।
फोटो_जिलाधिकारी मनीष कुमार।



