चंपावत: गांवों की समृद्धि का खाका तैयार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर।

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वीपीआरपी प्रशिक्षण में योजनाओं को धरातल से जोड़ने पर मंथन।

चंपावत। गांवों की जरूरत के मुताबिक विकास की योजनाएं तैयार करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गुरुवार को विकास भवन सभागार में वीपीआरपी पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत आयोजित कार्यशाला में ग्रामीण समृद्धि और आजीविका संवर्धन का खाका तैयार करने पर जोर दिया गया।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती की अध्यक्षता और सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में अधिकारियों-कर्मचारियों को वीपीआरपी की रूपरेखा, आंकड़ों के संकलन, आजीविका के नए अवसरों और ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) से इसके एकीकरण की जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर एवं जिला थीमेटिक एक्सपर्ट कैलाश चंद्र शर्मा और पाटी के ब्लॉक मिशन प्रबंधक रमेश सिंह पाटनी ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने ग्रामीण जरूरतों को चिन्हित कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आजीविका के अवसर विकसित करने की प्रक्रिया समझाई।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को प्रशिक्षण में मिली जानकारी को धरातल पर पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए मजबूत कार्ययोजना और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
कार्यशाला में परियोजना निदेशक अजय सिंह समेत ब्लॉक मिशन मैनेजर, एरिया कोऑर्डिनेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर और कम्युनिटी कैडर (आईपीआरपी) सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यशाला के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल पर जोर दिया गया।


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