चंपावत। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पूरे उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाई गई। गांव-गांव में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने बाबा साहेब के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में विश्वकर्मा सेवा समिति खर्ककार्की द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बाबा साहेब की मूर्ति का विधिवत अनावरण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जगत राम, बामसेफ के जिला अध्यक्ष दिनेश राम, प्रकाश राम और अमित कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय को समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में उनके विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जिन्हें आत्मसात कर समाज को आगे बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने में अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही सभी वर्गों से आपसी भाईचारे और एकता बनाए रखने की अपील की गई।
कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में एक सार्वजनिक भवन के निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि इस तरह के भवन से समाज के लोगों को एक मंच मिलेगा, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे समाज को संगठित और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरे आयोजन के दौरान बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।
फोटो_ खर्ककार्की में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा साहेब की मूर्ति का अनावरण करते मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथि।
चंपावत: गांव-गांव में गूंजे बाबा साहेब के विचार, विश्वकर्मा समाज ने किया मूर्ति अनावरण।
