

नवरात्र से पहले चार देवस्थलों को बनाया था निशाना, कलश, मूर्तियां और दानपात्र की नकदी उड़ाई।
चंपावत। चोरों ने आस्था के मंदिरों को भी नहीं बख्शा। नवरात्र से पहले लोहाघाट क्षेत्र के चार मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर धार्मिक सामग्री और दानपात्र की नकदी उड़ा ली। लगातार हुई चोरी की घटनाओं का लोहाघाट पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई शत-प्रतिशत सामग्री बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार कर्णकरायत स्थित कढ़ाई मंदिर, मोत्यूराज के भूमिया मंदिर, झलानदेव के महादेव मंदिर और कालादेव के इष्टदेव मंदिर में चोरी हुई थी। मामले में प्रदीप सिंह देव और विशन मुरारी की तहरीर पर थाना लोहाघाट में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह कप्रवाण के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष ओमप्रकाश के नेतृत्व में दो पुलिस टीमें गठित की गईं। जांच और सुरागरसी के बाद पुलिस ने 29 अक्टूबर को अनुज सिंह फर्त्याल (23), निवासी कलचौड़ा और सचिन सिंह देव (25), निवासी झलानदेव को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने कढ़ाई मंदिर से पीली धातु के दो मोर, दो चेन, पांच घंटियों की लटकन, दुर्गा माता की मूर्ति, पीतल का दीपक, दो घंटियां, लोहे का मूसल और डिजाइनदार छत्र बरामद किया। भूमिया मंदिर के दानपात्र से चोरी किए गए 1500 रुपये, महादेव मंदिर से तांबे के पांच कलश तथा इष्टदेव मंदिर से चार तांबे के कलश और पीतल का भड्डू भी बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष ओमप्रकाश, उपनिरीक्षक कुंदन सिंह बोरा, जितेंद्र सिंह मेहरा, धर्मेंद्र प्रसाद सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
फोटो_ मंदिरों से चोरी की गई सामग्री के साथ गिरफ्तार दोनों आरोपी और लोहाघाट पुलिस की टीम।



